इस लेख में हम जानेंगे कि क्या है, इसका ऐतिहासिक महत्व क्या है, और Dukh Bhanjani Sahib PDF in Hindi कहाँ से प्राप्त कर सकते हैं। Dukh Bhanjani Sahib क्या है? Dukh Bhanjani Sahib दरअसल श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अंग नंबर 631 से 636 तक मौजूद ‘ बावन अखरी ’ (Bavan Akhri) नामक बाणी का ही एक अंश है। ‘बावन अखरी’ का अर्थ है ‘52 अक्षरों से युक्त रचना’, जिसमें गुरु अर्जन देव जी ने गुरमुखी वर्णमाला के प्रत्येक अक्षर से जुड़कर भगवान की महिमा का गुणगान किया है।
खंडा प्रीथम साज सिरजनहारु। हिंदी अर्थ: जिस परमात्मा ने सबसे पहले यह संसार रचा है, उसने अपने हाथ में खंडा (शक्ति) धारण की। dukh bhanjani sahib pdf in hindi
डुख भंजनु तेरो नामु। हिंदी अर्थ: हे प्रभु! आपका नाम ही दुखों को नष्ट करने वाला है। dukh bhanjani sahib pdf in hindi
लेकिन ‘Dukh Bhanjani Sahib’ उस बाणी के उन विशेष शब्दों (स्तुतियों) को कहा जाता है, जिनमें की गई है। समय के साथ, इन शब्दों का एक संग्रह ‘Dukh Bhanjani Sahib’ के नाम से प्रसिद्ध हो गया। ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और मान्यता प्रचलित कथा के अनुसार, एक बार एक गरीब तथा रोगग्रस्त व्यक्ति (जिसे सूरज सिंह या भाई बुद्धू जी नाम से जाना जाता है) ने श्री गुरु अर्जन देव जी से दुखों से मुक्ति का उपाय पूछा। गुरु जी ने उन्हें यह बाणी (बावन अखरी के विशेष शब्द) सुनाए और नित्य पाठ करने को कहा। जैसे ही उस व्यक्ति ने श्रद्धापूर्वक इस बाणी का जाप किया, उसके सारे कष्ट समाप्त हो गए। तब से इस बाणी का नाम ‘Dukh Bhanjani Sahib’ पड़ गया। dukh bhanjani sahib pdf in hindi
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